मेरे दिल में बसे है मोहन , धड़कन में बसी है राधा ,
इन दोनों के बिना तो , मेरा जीवन है आधा ,
पाने को प्यार इनका , भटका में हर गली में ,
फिर श्याम ने बुलाया , मुझको तो कुंज गली में ,
यहा मिल गए बांके बिहारी , यहा मिल गई मुझको राधा ,
इन दोनों के बिना तो , मेरा जीवन है आधा ,
मेरे दिल में बसे है मोहन , धड़कन में बसी है राधा ,
इन दोनों के बिना तो , मेरा जीवन है आधा ,
कैसे बताऊ सबको , दिल के वो सारे राज ,
कैसे सुनाऊ सबको , मन की वो सारी बात ,
कैसे मिल गए बांके बिहारी , कैसे मिल गई मुझको राधा ,
इन दोनों के बिना तो , मेरा जीवन है आधा ,
मेरे दिल में बसे है मोहन , धड़कन में बसी है राधा ,
इन दोनों के बिना तो , मेरा जीवन है आधा ,
कितने दयालु है दोनों , कितने है सीधे साधे ,
एक दूजे के बिना तो , दोनों ही है आधे ,
बड़े सुन्दर है बांके बिहारी , बड़ी सुन्दर है प्यारी राधा ,
इन दोनों के बिना तो , मेरा जीवन है आधा ,
मेरे दिल में बसे है मोहन , धड़कन में बसी है राधा ,
इन दोनों के बिना तो , मेरा जीवन है आधा ,
Bhajan Lyrics – Jay Prakash Verma, Indore