घर घर में बाजे बधाई
घर-घर में, बाजे बधाई,
श्री राधा रानी, बरसाने आई ॥
बरसाने, आई वृष, भानु के घर आई ॥
घर-घर में, बाजे बधाई, श्री राधा...
माता, कीर्ति नें, लाली है जाई ।
वृष, भानु ने, गोद खिलाई ॥
अरे बाज, रही है, शहनाई,
श्री राधा रानी, बरसाने आई ।
घर-घर में, बाजे बधाई, श्री राधा...
पहले, बधाई, गोकुल से आई ।
गोकुल, से आई माँ, यशोदा ले आई ।
नंद, बाबा ने, बांटी मिठाई,
श्री राधा रानी, बरसाने आई ।
घर-घर में, बाजे बधाई, श्री राधा...
जिसको, कहते हैं, सब राधा राधा ।
वह, तो काटे हैं, जीवन की बाधा ॥
नाम, बड़ा, सुखदाई,
श्री राधा रानी, बरसाने आई ।
घर-घर में, बाजे बधाई, श्री राधा...
जो, कोई इनकी, शरण में आया ।
भव, सागर से, पार लगाया ॥
बारी, मेरी, अब आई,
श्री राधा रानी, बरसाने आई ।
घर-घर में, बाजे बधाई, श्री राधा...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल