रुनझुन रुनझुन बाजी पायलिया राधा रानी की

॥श्री राधाकृष्ण महारास भजन - 2026 ॥

रुनझुन रुनझुन बाजी पायलिया ,
रुनझुन रुनझुन बाजी पायलिया ,
राधा रानी की , बृज की पटरानी की ,
राधा रानी की , बृज की पटरानी की,

शरद पूनम की , रात जब आई ,
चांद की चांदनी , सब ओर छाई ,
शरद पूनम की , रात जब आई ,
चांद की चांदनी , सब ओर छाई ,
श्याम के प्रेम में , डूब गई राधा,
श्याम ने ऐसी , मुरली बजाई ,
श्याम के प्रेम में , डूब गई राधा ,
श्याम ने ऐसी , मुरली बजाई ,
और बाज उठी पायलिया , राधा रानी की ,
और बाज उठी पायलिया , राधा रानी की ,

रुनझुन रुनझुन बाजी पायलिया ,
रुनझुन रुनझुन बाजी पायलिया ,
राधा रानी की , बृज की पटरानी की ,
राधा रानी की , बृज की पटरानी की ,

केलाश पर्वत से , गोरा जी आई ,
शिव जी को गोपी , बनाकर लाई ,
केलाश पर्वत से , गोरा जी आई ,
शिव जी को गोपी , बनाकर लाई ,
मुरली की धुन पे , शिव जी नाचे ,
गोरा जी उनके , संग संग नाचे ,
मुरली की धुन पे , शिव जी नाचे ,
गोरा जी उनके , संग संग नाचे ,
और बाज उठी पायलिया , गोरा रानी की ,
और बाज उठी पायलिया , गोरा रानी की ,

रुनझुन रुनझुन बाजी पायलिया ,
रुनझुन रुनझुन बाजी पायलिया ,
राधा रानी की , बृज की पटरानी की ,
राधा रानी की , बृज की पटरानी की ,

हर एक गोपी के , साथ में कन्हैया ,
कर रहे वृन्दावन में , महारास कन्हैया ,
हर एक गोपी के , साथ में कन्हैया ,
कर रहे वृन्दावन में , महारास कन्हैया ,
धरती भी नाच रही , अम्बर भी नाच रहा,
तारे भी नाच रहे , चंदा भी नाच रहा ,
धरती भी नाच रही , अम्बर भी नाच रहा,
तारे भी नाच रहे , चंदा भी नाच रहा ,
और बाज उठी पायलिया , राधा रानी की ,
और बाज उठी पायलिया , राधा रानी की ,

रुनझुन रुनझुन बाजी पायलिया ,
रुनझुन रुनझुन बाजी पायलिया ,
राधा रानी की , बृज की पटरानी की ,
राधा रानी की , बृज की पटरानी की ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

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