द्वारपालो कन्हैया से कह दो खबर

द्वारपाल कन्हैया से, कह दो खबर।
आमा है सुदामा, तुम्हारे सारा॥

कह दो कन्हैया से, बचपन का यार तेरा।
मिलने को द्वार तेरे आया है॥
ढूँढा है नगर सारा, पूछ-पूछ सब कह हारा ।
पता मुश्किल से तेरा पाया है॥
हो ss दर-दर खाकर ठोकर, मिली है डगर—द्वारपालो...

देखा है जो हाल सारा, वही नन्दलाल को।
जाके द्वारपाल ने, बताया है॥
फटी है बिवाई वाके, कुर्ती न छगा है तन पे।
नाम सुदामा, बतलाया है॥
हो ss आये दौड़े दौड़े, हुआ ना सब्र—द्वारपालो...

दीनदशा देख के, बचपन के यार की।
सुन के कन्हैया बहु, रोये हैं जल से॥
रोरो कन्हैया ने, नैनन के जल से।
सुदामा के दोनों पग धोये हैं॥
हो ss आया ना इधर दिन, बिताये किधर—द्वारपालो...

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