काली काली ओ कमली वाले तेरे नखरे हजार हैं
तेरी मुरली पे नाचें-ग्वाल बाल हैं।
तुमने कहा था मैं यमुना पे मिलूंगा,
मैं आई तुम ना आए, मेरे दोनों...
मेरे दोनों नैना तरसे,
तुम निकले ना घर से काले काले ओ कमली वाले...
तुमने कहा था मैं मथुरा में मिलूंगा,
मैं आई तुम ना आए, मेरे दोनों...
मेरे दोनों नैना तरसे,
तुम निकले ना घर से काले काले ओ कमली वाले...
तुमने कहा था बरसाने में मिलूंगा,
मैं आई तुम ना आए, मेरे दोनों...
मेरे दोनों नैना तरसे,
तुम निकले ना घर से काले काले ओ कमली वाले...
तुमने कहा था मैं कीर्तन में मिलूंगा,
मैं आई तुम ना आए, मेरे दोनों...
मेरे दोनों नैना तरसे,
तुम निकले ना घर से काले काले ओ कमली वाले...