तरज़-ओ सांवरे रंग ऐसे ना डालो
हे लाडली मुझे बृज़ में बसा लो,
वृन्दावन बसा लो,बरसाना बसा लो
हे लाडली मुझे बृज़ में बसा लो...
बृज़ मण्डल की,कुंज गलिंन में
ओ श्यामा जू मोहे,श्याम मिला दो
हे लाडली मुझे बृज़ में बसा लो,
वृन्दावन बसा लो,बरसाना बसा लो
हे लाडली मुझे बृज़ में बसा लो...
बृज़ की महिमा,जग सों निराली
सन्तों के जैसी,रहनीं हमारी
हे लाडली मुझे,बृज़ में बसा लो
वृन्दावन बसा लो,बरसाना बसा लो
हे लाडली मुझे बृज़ में बसा लो...
श्यामा जू हरिदासी बना लो,चरणों
का मोहे दास बना लो
धसका का भी है,तेरे दर का
पुजारी
हे लाडली मुझे बृज़ में बसा लो,
वृन्दावन बसा लो,बरसाना बसा लो
हे लाडली मुझे बृज़ में बसा लो...
बाबा धसका पागल पानीपत
सनपर्कंसुत्र-7206526000