हाल क्या है हमारा ना पूछो मोहन

हाल क्या है हमारा ना पूछो मोहन

तर्ज़- हाल क्या है हमारा ना पूछो सनम
हाल क्या है, हमारा, ना पूछो मोहन ।
आप से, दिल लगाना, गज़ब हो गया ॥
ओ तेरी तिरछी, नज़रिया से, घायल हुए ।
आपका, मुस्कुराना, गज़ब हो गया ।
हाल क्या है, हमारा, ना पूछो...

तूने इतना, रुलाया, मेरे साँवरे ।
ना वृंदावन, बुलाया, मेरे साँवरे ॥
ओ तेरे, मिलने की, मन में, तड़प जो लगी ।
मेरे, मन का तड़पना, गज़ब हो गया ।
हाल क्या है, हमारा, ना पूछो...

आज, आई हूँ प्यारे, तेरे द्वार पर ।
हमें, दर्शन दिखा दे, मेरे साँवरे ॥
तूने बाँकी, अदा जो, दिखाई मोहन ।
इस अदा का, दिखाना, गज़ब हो गया ।
हाल क्या है, हमारा, ना पूछो...

प्यारे, हमने तो देखा है, जलवा तेरा ।
होश, गुम हो गया, और दिल खो गया ॥
तूने हमको, दिखाई जो, अपनी झलक ।
इस झलक का, दिखाना, गज़ब हो गया ।
हाल क्या है, हमारा, ना पूछो...

तेरा रूप, जो देखा, दीवानी हुई ।
सारी दुनियाँ, से मैं तो, बेगानी हुई ॥
तूँ है दुनियाँ, से न्यारा, मेरे साँवरे ।
तेरा रूप, सलोना गज़ब हो गया ।
हाल क्या है, हमारा, ना पूछो...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल

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