मैंने राम भजन सब छोड़ दिया
तर्ज़-दिल लूटने वाले जादूगर
मैंने, राम भजन, सब छोड़ दिया,
मोबाईल, तेरे, चक्कर में ॥
मोबाईल, तेरे, चक्कर में,
मोबाईल, तेरे, चक्कर में ॥
मैंने, राम भजन, सब छोड़...
मैं, नित उठ, मंदिर जाती थी,
और, गीता रामायण, पढ़ती थी ॥
मैंने माला, जपना, छोड़ दिया,
मोबाईल, तेरे, चक्कर में ॥
मैंने, राम भजन, सब छोड़...
मैं, शिव जी के, मंदिर जाती थी,
और, शिव की, पूजा करती थी ॥
मैंने ध्यान, लगाना, छोड़ दिया,
मोबाईल, तेरे, चक्कर में ॥
मैंने, राम भजन, सब छोड़...
मैं, नित उठ, सत्संग करती थी,
भजनों में, ध्यान लगाती थी ॥
मैंने सत्संग, में जाना, छोड़ दिया,
मोबाईल, तेरे, चक्कर में ॥
मैंने, राम भजन, सब छोड़...
मैंने, घंटों, फोन पे बात की,
और, इसकी उसकी, चुगली की ॥
पापों कर्मो का, बोझा, बढ़ा लिया,
मोबाईल, तेरे, चक्कर में ॥
मैंने, राम भजन, सब छोड़...
ये सतसंग, मण्डली, कहती है,
मोबाईल, ऐसी, शक्ति है ॥
सब रिश्ते, नाते, छूट गए,
मोबाईल, तेरे, चक्कर में ॥
मैंने, राम भजन, सब छोड़...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल