तरज़-हर सांस में हो सुमिरन तेरा
चरणों में बाबा तेरे रहे मेरा मन,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा,
आंखियों को मिले हरी दर्शंन तेरा,
चरणों में बीते अब जीवन मेरा,
चरणों में बाबा तेरे रहे मेरा मन,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
चरणों में...
तुम ने ही बाबा मेरी जिंदगी सवारी है,
फंसी मझधार में जब नैया हमारी है
तेरी ही तो दुआ से खिला आगंन मेरा,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
चरणों में बाबा तेरे रहे मेरा मन,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
आंखियों को मिले हरी दर्शंन तेरा,
चरणों में बीते अब जीवन मेरा
चरणों में बाबा तेरे रहे मेरा मन,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
चरणों में...
ऐसी पाई किरपा जैसे तरूवर की छाया है,
रोग शोक मिटे हुई कंचन काया है
फूलों से भर दिया दामन मेरा,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
चरणों में बाबा तेरे रहे मेरा मन,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
आंखियों को मिले हरी दर्शंन तेरा,
चरणों में बीते अब जीवन मेरा
चरणों में बाबा तेरे रहे मेरा मन,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
चरणों में...
बाबा तुमने हम को बड़े नाज़ो से पाला है,
गम के अधेरों में भी तुमसे उजाला है
घर में लगाओ मेरे पावन फेरा,
शाम सवेरे करू सिमरन तेरा
चरणों में बाबा तेरे रहे मेरा मन,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
आंखियों को मिले हरी दर्शंन तेरा,
चरणों में बीते अब जीवन मेरा
चरणों में बाबा तेरे रहे मेरा मन
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
चरणों में...
मन को लुभाये झूठे जग की ये माया है,
गुरु के ज्ञान से ही जीवन बच पाया है
कमल कपिल पूरी जीवन मेरा,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
चरणों में बाबा तेरे रहे मेरा मन,
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
आंखियों को मिले हरी दर्शंन तेरा,
चरणों में बीते अब जीवन मेरा
चरणों में बाबा तेरे रहे मेरा मन
शाम सवेरे करूं सिमरन तेरा
चरणों में...
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000