अनुपम माधुरी जोड़ी हमारे श्याम श्यामा की

श्रीराधा के चरण पद, मैं बंदऊ बारम्बार ।
जिनकी कृपा कटाक्ष सों, रीझत नंद कुमार ॥

अनुपम माधुरी जोडी, हमारे श्याम श्यामा की ।रसीली रस भरी अखियां हमारे श्याम श्यामा की ॥

कटीली भौंह अदा बांकी, सुघड सूरत मधुर बतियां।लटक गर्दन की मन बसिया, हमारे ...

मुकुट और चंद्रिका माथे, अधर पर पान की लाली॥अहो कैसी बनी छवियों, हमारे...

परस्पर मिल के जब विहरे, वो वृंदावन की कुंजन में॥नहीं बरनत बने शोभा, हमारे ...

नहीं कुछ लालसा धन की, नहीं निर्वाण की इच्छा॥सखी श्यामा मिले सेवा, हमारे...

अवधेश राणा बृजवासी

श्रेणी