आ रही है मेरी महामाई सजा दो सारे देवास को
बच्चा बच्चा देवास का मेरी मां की महिमा गाएगा
घर घर पे झंडा मैया जी के नाम का लहराएगा
हम भी हैं माई के दीवाने बता दो सारे देवास को
आ रही है मेरी महामाई सजा दो सारे देवास को
घर-घर मोहल्ले में बागों में कलियों में
मैया के चर्चे ही होंगे हर गलियों में
मां जगदंबा के स्वागत की एक छोटी सी झांकी है
हम बेटे हैं चामुंडा के बेटों के जलवे बाकी है
हम सभी ने धमाल मचाई बता दो सारे देवास को
आ रही है मेरी महामाई सजा दो सारे देवास को
ये ही मां अंबे है ये ही शेरो वाली
ये ही पर्वत वाली ये ही जोता वाली
मैया की कृपा बरसेगी जैसे भक्ति का सावन है
मां चामुंडा की ये नगरी दुनिया में सबसे पावन है
मां ने खुशियां है हमपे लुटाए बता दो सारे देवास को
आ रही है मेरी महामाई सजा दो सारे देवास को
भाग्य तेरा भी मेरी मैया संवारेगी
चिंता ना करना हर दुख से उबारेगी
जो काम रूके हैं बरसों से पूरे होंगे वो काम सभी
कर दे अपना जीवन तू भी मैया जी के नाम अभी
पलके देखो दीपक ने बिछाई बता दो सारे देवास को
आ रही है मेरी महामाई सजा दो सारे देवास को
गायक – दीपक चौहान
लेखक – जयंत सांकला