गौरा के राज दुलारे
तर्ज़- कज़रा मोहब्बत वाला
गौरा, के राज दुलारे, शिव की, आंखों के तारे ।
गुण, गाए सारा, संसार...
गूँज़े, है तेरी, जय जयकार ॥
शोभा, अति प्यारी तेरी, मूसे की, सवारी तेरी ।
सदके, मैं जाऊँ, बलिहार...
गूँज़े, है तेरी, जय जयकार ॥
कानों में, कुंडल सोहे, माथे पर, तिलक सिंधूरी ।
भक्तों के, मन की करते, आशा तुम, हर दम पूरी ।
शरणागत, की सुध लेते, हर लेते, हर मज़बूरी ।
प्रथमे, होती है पूजा, तुमसा कोई, देव ना दूजा ।
महिमा, तुम्हारी, अपरम्पार...
गूँज़े, है तेरी, जय जयकार ॥
गौरा, के राज दुलारे, शिव की, आंखों के...
अनुपम है, रूप तुम्हारा, लीला भी, है मनोहारी ।
अचरज़ से, देखे तुमको, जग सारा, दुनियाँ सारी ।
गज़ानन, लम्बोदर हो तुम, संकट, हरता उपकारी ।
निर्धन, को माया देते, कोढ़िन, को काया देते ।
खुशियाँ, हो देते, बेशुमार...
गूँज़े, है तेरी, जय जयकार ॥
गौरा, के राज दुलारे, शिव की, आंखों के...
आई मैं, भक्त चल के, बप्पा, तेरे चरणों में।
जबसे, रखा है तूने, सेवक, मुझको अपनों में ।
खोया, खोया रहता हूँ, अब तो, तेरे भजनों में ।
रहमत की, बारिश करदे, खुशियों से, झोली भरदे ।
मुझको, बना दे, सेवादार...
गूँज़े, है तेरी, जय जयकार ॥
गौरा, के राज दुलारे, शिव की, आंखों के...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल