माटी की दुर्गा बनईयो

माटी की दुर्गा बनईयो

माटी, की दुर्गा, बनईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ॥
खूबई, सजईयो भईया, खूबई सजईयो ॥
माटी, की दुर्गा, बनईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ॥
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो...

सुंदर, सा इक्क, सिंह बनईयो ।
उस, पे दुर्गा, मईया बैठईयो ॥
सुंदर सा, आसन बनाीयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ।
माटी, की दुर्गा, बनईयो...

सर, पे मुकुट, गले मोतियन माला ।
चक्र, गदा, त्रिशूल, खड्ग निराला ॥
हाथ में, तुम, पकड़ईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ।
माटी, की दुर्गा, बनईयो...

नैनन, कज़रा, केशन गज़रा ।
कर, दीजो, श्रंगार ये सगरा ॥
माथे पे, बिंदिया, लगईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ।
माटी, की दुर्गा, बनईयो...

लाल, लाल चूड़ी, लाल लाल चुनरी ।
नाक, नथुनिया, कमर कर धनियां ॥
पाँव, पैज़निया, पहनईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ।
माटी, की दुर्गा, बनईयो...

नव, रात्रों में, सजेगी झांकी ।
सुंदर, सुंदर, लागे ये झांकी ॥
सब, मिलके, जगराता करईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ।
माटी, की दुर्गा, बनईयो...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल