महिमा गाए, गाए महिमा गाए गाए, महिमा गाए, पीताम्बरा के धाम की॥
जय हो मां बगलामुखी, पिताम्बरा के नाम की॥
हे बगलामुखी पीतांबरा, पीतांबरा मां बगलामुखी॥
नलखेड़ा में आप विराजी,दुखड़े सबके हरने वाली
दाएं लक्ष्मी बाएं शरदा, बीच में मां बगला महारानी
दस महाविद्याओं में मैया, आठवां तेरा नाम है अष्टम विद्या तुम कहलाई, बगलामुखी महामाई है।
हे बगलामुखी पीतांबरा, पीतांबरा मां बगलामुखी॥
आंसु बहाते आते हैं वो, खुशियां लेकर जाते है सुनता नहीं जिसकी जग में,वो तुम्हें सुनाने आए है
मैया के आंगन में, हरिद्रा गणेश विराजे हैं।
हनुमत नित सेवा में रहते, रक्षा भैरव करते है।
हे बगलामुखी पीतांबरा, पीतांबरा मां बगलामुखी॥
तीनो पीठो में है सिध्दी, बगलामुखी तेरे नाम की
पांडव ने की थी प्रतिष्ठा, मैया तीनो धाम की।
एक नलखेड़ा दूजी दतिया,तीजी हिमाचल में बनखंडी
तंत्र-मंत्र बाधा हर लेती, बगलामुखी महा शक्ति है।
हे बगलामुखी पीतांबरा, पीतांबरा मां बगलामुखी॥
आओ महिमा गाए, पीताम्बरा के धाम की
जय हो मां बगलामुखी, पिताम्बरा के नाम की।
हे बगलामुखी पीतांबरा,पीतांबरा मां बगलामुखी 3
स्केल- राग भैरवी
लेखक,गायक, धुन निर्माता पंडित मनोज नागर