प्रेमी की आँखो में ये आँसू , आने ना देता
ऐसा है मेरा श्याम
होटों की हसी को मेरी बाबा , जाने ना देता
ऐसा है मेरा श्याम
जब ग़म के बादल भी , तेरे सिर पे छा जाये
संकट हो कैसे भी , मेरे श्याम आ जाये
बनकर के उजाला हाथो को वो लेता है जब थाम
ऐसा है मेरा श्याम
हारा हुआ जो भी ,दर पे आ जाता है
खाली झोली लाता ,भर कर ले जाता है
बिना बोले ही वो कर देता है ,सबके बिगड़े काम,
ऐसा है मेरा श्याम
ये प्रेम का का धागा , जो तुमसे जोड़ा है
विश्वास अनुज का तो ,तुमने न तोड़ा है
रख लेता है वो तो अपने सब , भक्तों का ही मान,
ऐसा है मेरा श्याम
भजन लेखक अनुज जैन