तूँ कंजक बनके आजा माँ-अंश शर्मा

तेरे आये नराते माँ, तू कंजक बणके आजा माँ
चल निकया-निकया पैरा ना, साडे घर विच फेरा पाजा माँ
तेरे आये नराते माँ, तू कंजक बणके आजा माँ....

  1. तेरी खेत्री बीज के माँ, तेरी ज्योत जगाई ऐ
    अस्सी घर विच अपने माँ, तेरी चौंकी सजाई ऐ
    तू आके माँ हूण भवना तो, साहनू अपना दर्श दिखा जा माँ -3

  2. तेरे चरणा नू धोके, तैनू कंजक बिठावां माँ
    तेरे चन्न जये मुखडे नु, मैं वेखी जावां माँ
    तू ममता दे माँ सागर चो, दो घुट ही साहणु पिला जा माँ-3
    तेरे आये नराते माँ, तु कंजक बणके आ जा माँ..

  3. मैं तैनू भोग खिलावांगा, तू मेनु चुरी खवाई माँ
    मैं तैनू भेटा सुनावांगा, तू मेनु लोरी सुनाई माँ
    तेरे अंश दी बोहती मंग नई, कुझ पल ही मेरे नाल बिताजा माँ
    तेरे आये नराते माँ, तु कंजक बणके आजा माँ....