शेराँवाली का सजा दरबार है

शेराँवाली का सजा दरबार है

तर्ज़- काली कमली वाला मेरा यार है
शेराँवाली का सजा, दरबार है ।
माँ की महिमा, जग में, अपरम्पार है ॥
अपरम्पार है... ओ अपरम्पार है... ॥
शेराँवाली का सजा, दरबार है...

जग जननी तूँ, है दुःख हरनी,
माँ तूँ ही है, मंगल करणी ॥
तेरे, चरणों में सारा, संसार है ।
माँ की महिमा, जग मे, अपरम्पार है ॥
शेराँवाली का, सजा, दरबार है...

जगदम्बा तूँ, भोली भाली,
तेरी महिमा, जग से निराली ॥
मेहराँ वाली, करुणा की, भंडार है ।
माँ की महिमा, जग मे, अपरम्पार है ॥
शेराँवाली का, सजा, दरबार है...

जोताँ वाली, तूँ माँ काली,
करती सबकी, तूँ रखवाली ॥
तुमसे ही माँ, श्रष्टि का, आधार है ।
माँ की महिमा, जग मे, अपरम्पार है ॥
शेराँवाली का, सजा, दरबार है...

तेरे दरश को, मैं हूँ प्यासा,
तुझसे ही माँ, मुझको आशा ॥
दर्शन दोगी, तेरा ये, इकरार है ।
माँ की महिमा, जग मे, अपरम्पार है ॥
शेराँवाली का, सजा, दरबार है...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल