तेरा रुतबा है बड़ा माँ

तेरा रुतबा है बड़ा माँ, शान है आली,
मैं तेरे द्वार खड़ा, क्यों मेरी झोली खाली...
तेरा रुतबा है...

लाल बिंदिया है तेरी, लाल मोतियों की माला,
लाल खप्पर भरा है, लाल ज्योति का उजाला।
लाल चुनरी है तेरी, लाल कानों की बाली,
तेरा रुतबा है...

तेरे दर पे जो आया, तुमने उसको संभाला,
दया का हाथ धरके, उसको आँचल में पाला।
क्यों बड़ी देर करी, तूने माँ शेरोंवाली,
तेरा रुतबा है...

प्रेमी पागल की मैया, अब तो बिगड़ी बना दो,
खाली न जाऊँगा मैं, अब तो दर्शन दिखा दो।
मैं तेरा गाऊँ भजन, लेके पूजा की थाली,
तेरा रुतबा है...