मोला संग देबे माता
कौरु नगर बर हो...
मोला संग देबे माता कौरु नगर बर हो २
जब पाटनपुर के पाट देवता, संबलपुर समलाई
गढ़ धमतरी के बिलाई ला सुमिरव, डोंगरगढ़ बमलाई रतनपुरी महामाई ला सुमिरव, धमधा के अटल कुंवारी
ऐ कौरु नगर बर हो... मोला संग देबे माता
राजिम मा हे राजीव लोचन, जीहां त्रिवेणी धाम हे ।
भोरमदेव मा भोला बिराजे, जग मा जेकर नाम हे ल
चंपारण मा सउहत बैठे, जग के पालनहारी ।
तोला बंदव तोला बंदव, छत्तीसगढ़ महतारी ।
ऐ कौरु नगर बर हो... मोला संग देबे माता
रईपुर के बंजारी ल नेवतेंव ,नेवतेंव माँ महामाई ।
कोरबा के मड़वारानी, झलमला के गंगा माई ।
पातालभैरवी नंदगाव के,अउ शीतला महामाई ।
आरा अउ पारा ल नेवतेंव, रइगढ़ बूढ़ी माई ।
ये नेवतेंव दुरग के चंडी ल,महासमुंद के खल्लारी ल
जाये बर लागे घर वो... मोला संग देबे माता
ये कट कट करके नाचे काली, धक धक धरनि डोले
झूपथे झुपाके परेतिन कउनो ल नई खौड़े
ये बैरी के ज़ब पाप बड़े मया ल वो बगरावे
देखव देख चंदवा बैगा ह मंतर ल भटकारे
ये जादू डगर बर हो... मोला संग देबे माता