भोले भोले, मनवा बोले

गीत के बोल :
शिव शम्भो... शिव शम्भो...
भोले... मेरे भोले...

मन में तेरी ज्योत जले,
साँसों में तेरा नाम।

शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
भोले भोले, मनवा बोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
तेरी धुन में मनवा डोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो॥
हर हर भोले, हर हर भोले,
गूँजे तेरा नाम।
तेरे चरणों में मिल जाए,

भोर की पहली किरण में,
तेरी छवि मुस्काए।
साँझ ढले जब दीप जले,
मन तुझमें रम जाए॥

राह कठिन हो, रात हो गहरी,
नाम तेरा उजियारा।
तेरी कृपा की छाँव में भोले,
मन को मिले सहारा॥

शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
भोले भोले, मनवा बोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
तेरी धुन में मनवा डोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो॥

हर हर भोले, हर हर भोले,
गूँजे तेरा नाम।
तेरे चरणों में मिल जाए,

मन को सुख-विश्राम॥
माथे चंदा, जटा में गंगा,
नैनों में गंभीरता।
भस्म रमाए, ध्यान लगाए,
अद्भुत तेरी दिव्यता॥

पर्वत गाएँ, नदियाँ गाएँ,
गाए सकल जहान।
तेरी महिमा लिख न पाए,
धरती और आसमान॥

शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
भोले भोले, मनवा बोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
तेरी धुन में मनवा डोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो॥
हर हर भोले, हर हर भोले,
गूँजे तेरा नाम।
तेरे चरणों में मिल जाए,

जब-जब जग पर संकट आया,
तूने जग का भार उठाया।
नीलकंठ बन विष को पीकर,
प्रेम का अमर पाठ पढ़ाया॥

तेरे त्याग की ज्योति भोले,
युग-युग तक जगमगाए।
तेरा नाम जो प्रेम से गाए,
मन में शांति पाए॥

शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
भोले भोले, मनवा बोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
तेरी धुन में मनवा डोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो॥
हर हर भोले, हर हर भोले,
गूँजे दसों दिशाओं में।
शिव शम्भो, शिव शम्भो,
बस जा मेरी साँसों में॥

शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
भोले भोले, मनवा बोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
तेरी धुन में मनवा डोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो॥
हर हर भोले, हर हर भोले,
गूँजे तेरा नाम।
तेरे चरणों में मिल जाए,

भोर की पहली किरण में,
तेरी छवि मुस्काए।
साँझ ढले जब दीप जले,
मन तुझमें रम जाए॥

राह कठिन हो, रात हो गहरी,
नाम तेरा उजियारा।
तेरी कृपा की छाँव में भोले,
मन को मिले सहारा॥

शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
भोले भोले, मनवा बोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
तेरी धुन में मनवा डोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो॥

हर हर भोले, हर हर भोले,
गूँजे तेरा नाम।
तेरे चरणों में मिल जाए,

मन को सुख-विश्राम॥
माथे चंदा, जटा में गंगा,
नैनों में गंभीरता।
भस्म रमाए, ध्यान लगाए,
अद्भुत तेरी दिव्यता॥

पर्वत गाएँ, नदियाँ गाएँ,
गाए सकल जहान।
तेरी महिमा लिख न पाए,
धरती और आसमान॥

शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
भोले भोले, मनवा बोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
तेरी धुन में मनवा डोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो॥
हर हर भोले, हर हर भोले,
गूँजे तेरा नाम।
तेरे चरणों में मिल जाए,

जब-जब जग पर संकट आया,
तूने जग का भार उठाया।
नीलकंठ बन विष को पीकर,
प्रेम का अमर पाठ पढ़ाया॥

तेरे त्याग की ज्योति भोले,
युग-युग तक जगमगाए।
तेरा नाम जो प्रेम से गाए,
मन में शांति पाए॥

शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
भोले भोले, मनवा बोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो।
तेरी धुन में मनवा डोले,
शिव शम्भो रे, शिव शम्भो॥
हर हर भोले, हर हर भोले,
गूँजे दसों दिशाओं में।
शिव शम्भो, शिव शम्भो,
बस जा मेरी साँसों में॥

हर हर महादेव!
जय भोलेनाथ!

भोले... भोले...
मनवा बोले...

शिव शम्भो...
शिव शम्भो...

ॐ नमः शिवाय...
ॐ नमः शिवाय...

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