कुंभ है कुंभ है

ओम शिवशंकरा जटा जूट धारी नटराज हर-हर महादेवा
ओम शिवशंकरा, शंकरा…

भगवा लहराए हर कोई गाए, गंगा में लगा डुबकी तक़दीर बदल जाए।
कुंभ है, कुंभ है, कुंभ है, कुंभ है।
भगवा लहराए हर कोई गाए, गंगा में लगा डुबकी तक़दीर बदल जाए।
पावन ये गंगा मैया की एक-एक बूँद है…

कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।

साधु-संत अखाड़े आए, माँ गंगा के द्वारे आए।
दुनिया के कोने-कोने से, महादेव देव के प्यारे आए।
मन पे पड़ी जो पापों की धूल जाती धूंध है...

कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।

देवों की भूमि पे आके, देवलोक ही लगता है।
सुबह-शाम बस हरि नाम का, शंख कान में बजता है।
धर्म-सनातन की सुनती हर तरफ़ गूँज है...

कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।

देवों की इस नगरी में, कण-कण में भगवान बसे हैं।
गंगा मैया के इस जल में, हर हिंदू की जान बसे है।
भटका मन भी अपने आप को लेता ढूँढ़ है...

कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।
कुंभ है कुंभ है ये कुंभ है कुंभ है।

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