तू ही मेरी मैं भी तेरी मेरी प्यारी राधे ।
बने नहिं मेरी तेरी कृपा बिनु राधे ।
मोरी ओर करु टुक कृपाकोर राधे ।
तोरी कृपाकोर को न ओर छोर राधे।
कृपा ते ही बना तोरा तन मन राधे ।
तू तो है ' कृपालु ' सब दिन ही ते राधे।
पुस्तक : युगल माधुरी
कीर्तन संख्या- 34
पृष्ठ संख्या- 123