तोर जोत जवारा दाई

तोर जोत जवारा दाई,तोर जोत जवारा वो.. ॥
चढ़ -होवत हे विसर्जन दाई,लागे जीव कल्पन दाई

सातो बहिनी बोहे जवारा,जावय गंगा नहाये
आगू आगू सेऊक चले,जस पचरा ल गाये
चढ़ -आंखी-आंखी म झूले दाई =2
होवत हे विसर्जन दाई...

सरधा भगती के जोत जवारा,निकले हे आरा पारा
पड़ा बईगा मन ह बांधे, गांव शहर पारा पारा
चढ़ - सबके भाग हा जागे दाई =2
होवत हे विसर्जन दाई...

कोनो हा दाई नरियल लेवय, कोनो हा लेवये बाना
झान जा न झान जा न दाई,मोला झन रोवना
चढ़ - आशीष ल देबे दाई =2
होवत हे विसर्जन दाई...