बुटी हरि के नाम की

बूटी हरि के नाम की,सबको
पिलाके पी
चितवन को चित के चोर से,चित
को चुराके पी
बुटी हरि के नाम की,सबको पिला
के पी...

1.पीने की तमन्ना है तो खुद मिटाके
पी,
ब्रृम्हां ने चारों वेदों की पुस्तक
बनाके पी
बूटी हरि के नाम की,सबको
पिलाके पी
चितवन को चित के चोर से,चित
को चुराके पी
बुटी हरि के नाम की,सबको पिला
के पी...

2.शंकर ने अपने शीश पे गंगा
चढ़ाके पी,
ठोकर से श्री राम ने पत्थर जगाके
पी
बजरंग बली ने रावण की,लंका
जलाके पी
बूटी हरि के नाम की,सबको
पिलाके पी
चितवन को चित के चोर से,चित
को चुराके पी
बुटी हरि के नाम की,सबको पिला
के पी...

3.पृथ्वी का भार शेष ने सिर पर
उठाके पी,
बालि ने चोट बाण की,सीने पर
खाके पी
बूटी हरि के नाम की,सबको
पिलाके पी
चितवन को चित के चोर से,चित
को चुराके पी
बुटी हरि के नाम की,सबको
पिला के पी...

4.अर्जुन ने ज्ञान गीता का अमृत
बनाके पी,
श्री जी बाबा ने भक्तों को,
भागवत सुनाके पी
बूटी हरि के नाम की,सबको
पिलाके पी
चितवन को चित के चोर से,चित
को चुराके पी
बुटी हरि के नाम की,सबको
पिला के पी...

5.संतो ने ज्ञान सागर को गागर
बनाके पी,
भक्तों ने गुरु चरण रज़,मस्तक
लगाके पी
बूटी हरि के नाम की,सबको
पिलाके पी
चितवन को चित के चोर से,चित
को चुराके पी
बुटी हरि के नाम की,सबको
पिला के पी...

बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000

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