महफिल सजा बैठा
आज महफिल सजा बैठा,हमे भी दर बुला बैठा
भजन सुनने का है शौकीन तुम्हे भी ये बुला बैठा
सांवरा तू दयालु है सांवरा तू कृपालु है...-2
कभी सुनता हमारी है,कभी सुनता तुम्हारी है
समझता मन की है तेरी,बड़ा सुलझा खिलाड़ी है
सांवरा तू....
सुदामा तुम बनो पहले, कन्हैया ये तुम्हारा है
बनो नरसिंह के जैसे तुम,ये द्वारा सबसे प्यारा है
सांवरा तू....
सजा दो भाव भजनों से, रिझाने हम भी आए हैं
कृपा स्वर कंठ में इसकी, सुनाने हम भी आए हैं
सांवरा तू.....
आज महफिल सजा...
लेखक प्रमोद शुक्ला
9839603956