आज किसने किया श्रृंगार भोले जी

आज किसने किया श्रृंगार भोले जी

आज, किसने, किया, श्रृंगार, भोले जी ॥
उन, हाथों पे, जाऊँ, बलिहार भोले जी ॥
भक्तों, ने किया, श्रृंगार, गौरा जी ।
मैं तो, कर ही ना पाया, इनकार गौरां जी ।
आज, किसने, किया, श्रृंगार भोले जी...

चमक, रहा, स्वामी, मुख मंडल ।
न, त्रिशूल है, न ही, कमण्डल ॥
ना है, डमरू, तुम्हारे, हाथ भोले जी ।
आज, किसने, किया, श्रृंगार भोले जी...

लगा, दिया है, मस्तक पे, चंदन ।
चमक, रहे हैं, कुण्डल भी, चमयम ॥
किसने, पहनाया, फ़ूलों, का हार भोले जी ।
आज, किसने, किया, श्रृंगार भोले जी...

ना ही, लगी, अंगों में, भभूति ।
ना, बाघंबर ना, पहनी है, धोती ॥
घुँघरू, की सुनी ना, झणकार भोले जी ।
आज, किसने, किया, श्रृंगार भोले जी...

भक्त, आए थे, मेरे द्वारे ।
आभूषण, लाए थे, प्यारे प्यारे ॥
मुझसे, विनती करी, बार, बार गौरां जी ।
आज, किसने, किया, श्रृंगार भोले जी...
अपलोडर-अनिलरामूर्तिभोपाल

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