मुझे खाटू बुलाले बाबा फिर से

मुझे खाटू बुला बाबा फिर से
ओ बाबा तेरी याद आ रही
दिन रात हर, घडी हर पल मे,
ओ बाबा तेरी याद आ रही

तेरे सामने आके सावरिया,
दुख दर्द सभी मिट जाते हैं
तेरी याद में कांटू दिन गिन-गिन
अब मुझे कुछ भी न भाता है
तेरे खाटू में मुसको बसाले ॥ओ बाबा तेरी याद आ रही

जब याद तुम्हारी आती है
इस दिल को बोहत सताती है...
मै जांगू तो दिखता है तू
मेरे सपनो में भी आता है तू ,
मुझे गले से तू अपने लगा ले ॥ओ बाबा तेरी याद आ रही

तेरे आयुष की ये अर्जी है,
आगे बाबा तेरी मर्जी है
अब तक तुझसे कुछ ना मांगा ,
आगे भी कुछ न मागूंगा
मेरा खाटू में, घर इक बना दे ॥ओ बाबा तेरी याद आ रही