धुन: मेरी झोंपड़ी दे भान अज्ज खुल जायेंगे राम आएंगे
फुल कलियां आकाश विचों बरस रहे ने, राम आ गए ।
राम नाम दे जयकार पए गज्ज रहे ने, राम आ गए ॥
सिया राम लखन बजरंग ने, बजरंग ने ।
सुग्रीव विभीषण संग ने - ओ संग ने ॥
वेख वेख पुष्पान सब नच्च रहे ने, राम आ गए,
राम भरत दे होए मिलाप ने, ओ मिलाप ने ।
मिटे अवध दे दुख संताप ने, संताप ने ॥
दिन बनवास वाले अज्ज कट गए ने, राम आ गए,
फल मेवे मिठाई दियां डालियां, हो डालियां ।
हर पासे अज्ज हो रहियां दीवालियाँ - ओ दीवालियाँ ॥
घर गलियां बज़ार सब सज्ज रहे ने, राम आ गए,
सब लोक ने खुशियां मना रहे, ओ मना रहे ।
गीत स्वागत दे सब अज्ज गा रहे, ओ गा रहे ॥
बाजे-गाजे ‘मधुप’ अज्ज बज रहे ने, राम आ गए,