चारो पल्ला सुआ मोर बीच में कोयल करती शोरcharo palla sua mor vich me koyal karti shor


चारो पल्ला सुआ मोर बीच में कोयल करती शोर
सुन  म्हारी …
दादी ऐ ऐ ऐ ..दादी ऐ ऐ ऐ ..
सुहाणी लागे थारी चुनड़ी…

जोधपुर से ल्याया चुनड़ी मारवाड़ को छापो
खण्डेला को साचो गोटो पुरो पाँच गज नाप्यो
आरी तारी को जाल बनायो देखो करके गोर..
दादी ऐ ऐ ऐ ..दादी ऐ ऐ ऐ ..
सुहाणी लागे थारी चुनड़ी…

जयपरिये से ल्याया घाघरो बावन कली को मोटो
लाम्पी बिचियो और बाकड़ो साचो लगायो गोटो
हीरा पन्ना चमके ज्यामे और रेशम की डोर
दादी ऐ ऐ ऐ ..दादी ऐ ऐ ऐ ..
सुहाणी लागे थारी चुनड़ी…

सीकर से चाँदी की पोली और बनायो झुमको
चूरू से तो नथ मंगाई और नागोर से कब्जो
रूप सुहानो निरख निरख कर नाचे जो मन मोर
दादी ऐ ऐ ऐ ..दादी ऐ ऐ ऐ ..
सुहाणी लागे थारी चुनड़ी…

कोटाबूँदी से पायल बनाई और मोत्या को चुड़ो
बीकानेरी जड़ाऊ बोरलो कनफूला को चुड़ो
उदियापुर की तागड़ी  ज्यामे झालर लटके ज़ोर  
दादी ऐ ऐ ऐ ..दादी ऐ ऐ ऐ ..
सुहाणी  लागे थारी चुनड़ी…


Singer- ज्योति जाजोदिया  
            गुवाहाटी ,असम




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