तेरे दर पे आने को जी चाहता है अपना बनाने को जी चाहता है

तेरे दर पे आने को जी चाहता है,
अपना बनाने को जी चाहता है,

दिलबर तुम्ही हो तुम ही मीत प्यारे,
शरणागत के दाता तुम ही तो सहारे,
दिलो जान लुटाने को जी चाहता है,

सवासो में बस गये दिल की हो धड़कन,
दिल है दीवाना ये तो झूम रहा मन,
बलिहारी जाने को जी चाहता है,

मर्जी तुम्हारी आवो न आवो,
भुलाता रहु गा चाहे जितना सताओ,
तेरी बंदगी को ये जी चाहता
तेरे दर पे आने को जी चाहता है

श्रेणी
download bhajan lyrics (1372 downloads)