भक्ति से सिर झुका दे मिट जाये bhakti se sir jhuka de mit jaaye


भक्ति से सिर झुका दे मिट जाये विघन भादा,
तेरी जिंदगी में खुशिया भर देंगे विधनहरता,

तू सोच ले गणपति जी तुझे देख रहे है,
तेरे अच्छे बुरे कर्मो का फल दे रहे है
देवा बड़े दयालु है तू करले मन से पूजा,
भक्ति से सिर झुका दे मिट जाये विघन भादा,
तेरी जिंदगी में खुशिया भर देंगे विधनहरता,

आ रे आ रे दर पे आ रे द्वार खुला है,
देवा पधारे दामोदर स्वामी है अन्तर्यामी,
बिगड़ी बनाते जो भी पुकारे,देवा किरपालु देवा दयालु देवा,
देवा के जैसा नहीं कोई दूजा,
मोदक मेवा चूरमा चड़ाउ जो मांगू देंगे देवा,
भक्ति से सिर झुका दे मिट जाये विघन भादा,
तेरी जिंदगी में खुशिया भर देंगे विधनहरता,

भक्ति कर तू गणपति की तेरे भाग खुले गे,
जो न सोचा होगा तूने वो उपहार मिलेंगे,
इस लिए ये दुनिया ये कहती है देवो के देव राजा
भक्ति से सिर झुका दे मिट जाये विघन भादा,
तेरी जिंदगी में खुशिया भर देंगे विधनहरता,

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