जिनका मेरी मैया से लगाव हो गया jinka meri maiya se lgaav ho geya


जिनका मेरी मैया से लगाव हो गया
दूर ज़िन्दगी का हर अभाव हो गया
नदी वो मिली है सागर में जा ज़रूर
जिसका ठीक राह पे बहाव हो गया

जो भी बैठे है माँ की कश्ती में
लग जाए चार चाँद हस्ती में
जो भी गुण मैया के गाते हैं
उनके चर्चे है गली बस्ती में
ज़िन्दगी में उनके बदलाव हो गया
जिनका मेरी मैया से ..............

जिनको दादीजी का सहारा है
उनका मंझधार है किनारा है
जो भी भक्ति करे है मैया की
कभी हिम्मत नहीं वो हारा है
हर हाल में खुश रहने का सहाव हो गया
जिनका मेरी मैया से ..............

वो बड़े खुशनसीब होते हैं
माँ के जो भी करीब होते हैं
जो भी हाँ दूर झुंझुनू वाली से
वो बड़े बदनसीब होते है
भक्तों जिनका मैया से अलगाव हो गया
ज़िन्दगी में उनके तनाव हो गया
जिनका मेरी मैया से ..............

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