सब से पेहले चर्चा चले

सब से पेहले चर्चा चले
पेहले मनाये सभी पूजा इनकी फले,
सब से पेहले चर्चा चले

ब्रहामंड का सब से पेहले चक्र जो लगाएगा,
पूजन का पेहला अधिकार वही पायेगा
तीजा मोती बात न टले,
सब से पेहले चर्चा चले

कई देव रथ से सवार होके चल दिए
कई देव अपने वहान से निकालिए
इन्हें मुश्क सवारी खले,
सब से पेहले चर्चा चले

गणपति के मन में आई तभी बात है,
पिता बड़े रब से धरा से बड़ी मात है
श्रृष्टि सारे चरणों तले
सब से पेहले चर्चा चले

गोरा संग भोले नाथ को बिठाया
गनपत ने सात बार चकर लगाया है
पंकज पद न खले
सब से पेहले चर्चा चले

श्रेणी
download bhajan lyrics (1346 downloads)