मेरे खेड़ापति जी का मंदिर, देखो फूलों से कैसा सजा है।
एक एक फुल देखो यहां पर, कितनी तरकीब से जो लगा है ।।
चांद तारे भी फीके यहां पर, इतनी उजली सी इनकी छटा है।
आए लाखों करोड़ों यहां पर, बाबा दर्शन के दिए जा रहे है ।।
आते ही मिलते महाकाल बाबा, कृष्ण और राधा, सियाराम जी भी।
मां भवानी के सम्मुख है भैरव, राम को वे निहारे रहे है ।।
जो झुकाते है मस्तक यहां पर, उनका सर ना कही पर झुका है ।
इनके मंदिर में मिलती उम्मीदें, फिर से जीते है मन को लगा के ।।
शुभम - सुमित शर्मा (शर्मा ब्रदर्स)