दरबार तेरा झांकीवाले

मेरे मन को बड़ा लुभाता है दरबार तेरा झांकीवाले
दरबार तेरा झांकीवाले, मेरे बालाजी झांकीवाले
मेरे मन को बड़ा लुभाता है
दरबार तेरा झांकीवाले...–2

मुझे अपनाया तुमने जबसे
आनन्द में जीवन है तबसे
प्रभु राम की लगन लगाता है
दरबार तेरा झांकीवाले ...

मेरे घर परिवार पे किरपा है
थोड़ी बहुत नहीं इक तरफा है
मेरे घर का मान बढ़ाता है
दरबार तेरा झांकीवाले...

श्रीगंगानगर में धाम तेरा
चांदी में सजा दरबार तेरा
सपनों में रवि के आता है
दरबार तेरा झांकीवाले...

भजन लेखक/गायक - रवि शर्मा श्रीगंगानगर