भोले बाबा रूठ मत जाना, मुझे आता नहीं है मनाना ॥
कोई राज पाठ ना मांगू, कोई बड़े ठाठ ना मांगू, अपने चरणों में दे दो ठिकाना, मुझे आता नहीं..
मैं बना ना सका तेरा मंदिर, बाबा बस जाओ मन के अंदर, मेरे हृदय में कर लो ठिकाना, मुझे आता नहीं...
बाबा सुन लो अरज एक मेरी, मैं तो करूंगी सेवा तेरी, चाहे दुनिया मारे ताना, मुझे आता नहीं...
बस एक सहारा तेरा, इस दुनिया में कोई ना मेरा, अब तुम ही बना लो अपना, मुझे आता नहीं...