में खाटू में जाऊंगा - मैं दर्शन को जाऊंगा,
फागुन को आने दो , फागुन को आने दो..
रिंगस से करते जयकारे पैदल जाऊं बाबा के द्वारे -2
जय जय श्री श्याम की धुन मैं गाता रहूं सुध बिसारे ,
अब मैं ना हारूंगा, बाबा तेरी चौखट पे सिर झुका दूंगा।
फागुन को आने दो....
सुनके तेरी लखदातारी, आया हूं बनके भिखारी -2
करुणा की जोत से बाबा तारों हमें है मुरारी ,
अब आस मेरी तुमसे, अरदास भी तुमसे ही,
तुम में खो जाऊंगा।
फागुन को आने दो..
भक्ति का रस यहां बरसे, दर्शन को पंकज तरसे -2
कहते है श्याम दीवाने, मोह छुटे ना दर से
में शीश नवाऊंगा, मनमोहनी सूरत को नैनो में छुपा लूंगा।
फागुन को आने दो...