बली बजरंग बली बल धारी आप है भक्तों के हितकारी।
अंजनी लाल आप कहलाते तीनों लोकों में महिमा भारी।
हे गदाधारी हे भयहारी, से मंगलकारी कष्ट हारी।
मेहंदी पुर सरकार की जय हो बालाजी दरबार की जय हो।
न लौटा दर से कोई खाली हो करते सबकी रखवाली॥-२
१- हाथ में सोटा लाल लंगोटा गले तुलसी की माला है,
लाल लाल मुख लाल तेज है अद्भुत रूप निराला है।-२
राम गुड़ गाये, राम को ध्याय, राम छवि हृदय बसी प्यारी॥
मेहंदी पुर सरकार की जय हो...
२- भूत प्रेत इत्यादि आपके नाम से थरथर कांप रहे,
प्रेत राज की देख अदालत मीलो दूरों भाग रहे।-२
सभी घबराते पास ना आते देखकर दूर भाग जाते।
मेहंदीपुर सरकार की जय हो बालाजी दरबार की जय हो
३- हम बालक नादान जुबानी भी तेरा गुणगान करें,
आप हमारे नाम को रौशन कर बाबा कल्याण करें।-२
आपकी लीला आप ही जाने क्या जाने हम सब संसारी॥
मेहंदीपुर सरकार की जय हो, बालाजी दरबार की जय हो,
ना लोटा दर से कोई खाली, हो करते सबकी रखवाली।
रचनाकार-राजेन्द्र सिंह ज़ुबानी
भजन प्रवाहक- अनुराग रौशन सीतापुर नैमिषारण्य क्षेत्र उत्तर प्रदेश