( तर्ज – श्याम तेरे भक्तों को )
पुरी में जाने का ये मौका अब आया है
जगन्नाथ ने मुझे अब धाम पे बुलाया है॥
अरे पुरी की गलियों में हम घूमेंगे नाचेंगे,
वहाँ के लोगों से थोड़ा प्रसाद माँगेंगे।
दया ये उनकी है, ये ख्याल मुझे आया है॥
पुरी में जाने का ये मौका अब आया है
जगन्नाथ ने मुझे अब धाम पे बुलाया है॥
हवा में घुली हुई वो खुशबू निराली है,
फूलों की देखो ज़रा खिली ये डाली है।
माता-पिता का प्यार मैं प्रभु से पाया है॥
पुरी में जाने का ये मौका अब आया है
जगन्नाथ ने मुझे अब धाम पे बुलाया है॥
गज़ब हैं वो यादें और गज़ब हैं ये बातें,
दिन भी बीत गए और बीत गई रातें।
लकी दीवाने का अब मन भर आया है॥
पुरी में जाने का ये मौका अब आया है
जगन्नाथ ने मुझे अब धाम पे बुलाया है॥
Lyrics – Lucky Shukla