तरज़-अख़ियों को रहें दे
एक बार निहार लो राधे,द्वार पड़े हम
कब से तिहारे
एक बार...
अब तो कृपा कर दिजो लाडली,मोहे
अपनों कर लिजे लाडली
एक बार निहार लो राधे,द्वार पड़े हम
कब से तिहारे
एक बार...
तुम्हरी कृपा बिन जीवन माहीं,छाया
अधंकार है मेरी श्री राधे
एक बार निहार लो राधे,द्वार पड़े हम
कब से तिहारे
एक बार...
जो तुम ना सुनोंगी तो कौंन सुनेगो,मेरी
ही यह आस श्री यानेह
एक बार निहार लो राधे,द्वार पड़े हम
कब से तिहारे
एक बार...
अपनें चरणन की धुली दिजै,चरणन
माहीं मोहे रख़ लिजै
एक बार निहार लो राधे,द्वार पड़े हम
कब से तिहारे
एक बार...
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000