बारस की ज्योत जगाओ जी

एक छोटो सो नियम बनाओ जी,
नित बारस नै श्याम की घर में ज्योत जगाओ जी।

सुबह-सुबह थे नुहाय धोय कै सांवरियै नै ध्याओ,
देशी गाय को घी घाल कै, श्याम की ज्योत जगाओ,
थारै टाबर नै भी सिखाओ जी॥

खीर-चूरमो निज हाथां सै श्याम नै भोग लगाओ,
जिम-जूठ ले जद सांवरियो मीठा भजन सुनाओ,
ऐं की जय -जयकार लगाओ जी॥

नित नियम सै जो भी घर मै श्याम की ज्योत जगावै,
सिरदारा, वी घर मै फिर बाबै को वास हो जावे,
मन मै सांचो भाव जगाओ जी॥