(तर्ज़ - मैं बाबा ले आया)
हर महीने बनभौरी में तू क्या करने जाता
मैं माँ से मिल आता - मैं झोलिया भर लाता
जब याद सातए मैया की - फिर कुछ भी ना भाता
मैं माँ से मिल आता - मैं झोलिया भर लाता...
माँ है ममता का सागर - हर बिगड़ी बात बनाती
भले मैं भूल जाऊँ - बच्चों को माँ ना भुलाती
इस जीवन की पतवार को - मैं चरणों में सौंप आता...
सदियों से नाता अपना - वो है कुलदेवी हमारी
जिसने है वंश बढ़ाया - वो मैया शेर सवारी
संकट आने से पहले माँ का पहरा हो जाता...
दुनिया ने कसर ना छोड़ी - भरोसा हर पल तोड़ा
मेरी बनभौरी माँ ने - कभी मेरा हाथ ना छोड़ा
प्रिंस शुभम को मैया बस - तेरा ही दर भाता...
गायक :- प्रिंस शुभम नरेला
संपर्क : 7840820050 , 8750104889
लिरिक्स : प्रिंस जैन