मेरा घुंगरू बोले हरे हरे

मेरा घुंगरू बोले हरे हरे

मेरा घुंगरू बोले हरे हरे, गोविंद हरे गोपाल हरे,
मेरा घुंगरू बोले हरे हरे -हरे, हरे, हरे, हरे ।।

इह घुंगरू मैंनूं सतगुरु दित्ते,
मैं तरले कीते बड़े बड़े - मेरा घुंगरू बोले.

मैं नच्चां मेरा गिरधर नच्चे,
मैंनूं होर वी मस्ती चढ़े चढ़े - मेरा घुंगरू बोले.

सुन घुंगरू मेरा देवर लड़दा,
मेरी सस रैंहदी मैथों परे परे - मेरा घुंगरू बोले.

उल्टा-पुल्टा कई कुझ कैंहदे,
मैंनूं बोल सुनावन सड़े सड़े - मेरा घुंगरू बोले.

छुट जाने इह महल चुबारे,
रह जाने सुख धरे धरे - मेरा घुंगरू बोले.

गा लै गीत 'मधुप' गिरधर दे,
हरि सिमरण विच सुख बड़े बड़े - मेरा घुंगरू बोले.