मुझे पल पल आवे याद श्री जी तेरो बरसाना
मुझे पल पल, आवे याद, श्री जी तेरो, बरसाना ।
मुझे हर पल, आवे याद, किशोरी जी तेरो, बरसाना ।
ओ मेरे, बस में नहीं जज़बात, है मुश्किल, समझाना... ॥
मुझे पल पल, मुझे हर पल, मुझे पल पल...
तूँ जब-जब, मुझको बुलाती, मैं दौड़ी, दौड़ी आती ।
हदय से, अपने लगाती, तेरे आंचल, में छुप जाती ॥
मैं, कैसे भुलाऊँ, हर बात, किशोरी रस, बरसाना... ॥
मुझे पल पल, मुझे हर पल, मुझे पल पल...
वो, मंद-मंद, मुस्काना, और पास, मुझे बिठलाना ।
वो, मीठा सा बतियाना, सुनना कुछ, अपनी सुनाना ॥
वो करूणा, भरी सौगात, लाड का, बरसाना... ॥
मुझे पल पल, मुझे हर पल, मुझे पल पल...
दिल मेरा, हरदम चाहे, तेरे पास ही, मैं रह जाऊँ ।
बरसाना, ऐसे बुला लो, घर लौट, कभी ना जाऊँ ॥
मेरे, क्षमा करो अपराध, ना दर से, ठुकराना... ॥
मुझे पल पल, मुझे हर पल, मुझे पल पल...
हे अष्ट, सखियन दल वारी, हे राज, नन्दिनी प्यारी ।
गोपाली पूनम, हरि दासी की, तुम हो, सदा हितकारी ॥
भक्तन, पर की बरसात, ना मुझको, तरसाना... ॥
मुझे पल पल, मुझे हर पल, मुझे पल पल...
अपलोडर-अनिलरामूर्तिभोपाल