दादी थारो सऻतयो मांडु

तर्ज: धोहे धोहे अंगने

दादी जद थारो सऻतयो मांडु
सातूॅं सुख म्हाने मिल जावै
सऻतय॓ ने जब निरखूॅं मायड़
सूरत थारी दिख जावै

लेेकर थाली, घोल के रोली ओढ़ के चुनड मैं आऊॅं
चौक पुराऊँ सऻतयो बनाऊॅं,गजरो मेहन्दी में गाऊॅं
सवा रुपयो खोपरो चूड़ाे,चढ़ताॅं आख्या भर आवे॥दादी॥

13 टिक्कियां 13 सती की सऻतये नीचे में देऊ
रोली चिरचूॅं चावल चोढू, नाल सुरंगों में लेऊँ
जया लेऊ हाथा मेहन्दी पूरो तन मन रंग जावे॥दादी॥

चारुॅं कुंटा सऻतये की ए, चारुॅं दिशा से सुख ल्यावे
सऻतयो माली चारुॅं बिन्दया मंगल गुट्टू करवावे
श्री लिखता ही सऻतये उपर श्री लक्ष्मी म्हारे घर आवे॥दादी॥

Lyrics guttu sureka
Singer pankaj Joshi