भक्तों की बिगड़ी बनाते हैं
धुन-पिँजरे वाली मुनिया
भक्तों, की बिगड़ी, बनाते हैं, माँ गौरी, के लाला ॥
गौरी, के लाला भोले, बाबा के लाला ॥
भक्तों, की बिगड़ी, बनाते हैं, माँ गौरी के...
भक्त, बुलाए तो ये, देर ना लगाए ।
भक्तों, के आ के सब, कष्ट मिटाए ॥
मूषक, पर चढ़कर, आते हैं, माँ गौरी, के लाला ।
गौरी, के लाला भोले, बाबा के लाला ॥
भक्तों, की बिगड़ी, बनाते हैं, माँ गौरी के...
सिर पर, मुकुट, गले में माला ।
प्यारा प्यारा, लागे ये, सूंड सुंडाला ॥
भक्तों, के मन को, भाते है, माँ गौरी, के लाला ।
गौरी, के लाला भोले, बाबा के लाला ॥
भक्तों, की बिगड़ी, बनाते हैं, माँ गौरी के...
मस्तक, पर इनके, सिंदूर सुहावे ।
मोदक, तो इनको, बहुत ही भावे ॥
खुशी, खुशी भोग, लगाते हैं, माँ गौरी, के लाला ।
गौरी, के लाला भोले, बाबा के लाला ॥
भक्तों, की बिगड़ी, बनाते हैं, माँ गौरी के...
तुम, हो विघ्न, विनाशक देवा ।
सच्चे, मन से जो, करे इनकी सेवा ॥
भव से, पार, लगाते हैं, माँ गौरी, के लाला ।
गौरी, के लाला भोले, बाबा के लाला ॥
भक्तों, की बिगड़ी, बनाते हैं, माँ गौरी के...
भक्त, करें, गुणगान तुम्हारा ।
गण,पति रखना, ध्यान हमारा ॥
मेरे, तो भाग्य, विधाता हैं, माँ गौरी, के लाला ।
गौरी, के लाला भोले, बाबा के लाला ॥
भक्तों, की बिगड़ी, बनाते हैं, माँ गौरी के...
अपलोडर-अनिलरामूर्तिभोपाल