जिनके सीने विराजे सीता राम जी

जिनके सीने विराजे सीता राम जी

जिनके सीने, विराजे, सीता राम जी,
उनको, कहते हैं, वीर हनुमान जी ॥
सीता राम, सीता राम,
सीता राम, सीता राम ॥

राम, सुमिरन करें, राम चिंतन करें ।
राम, चरणों में ही, नित्य वंदन करें ॥
राम, चर्चा में, जिनका है, ध्यान जी,
उनको, कहते हैं, वीर हनुमान जी ॥
जिनके सीने, विराजे, सीता...

जिनकी, महिमा बड़ी, जिनकी भक्ति बड़ी ।
जिनका, बजता डंका, जिनकी शक्ति बड़ी ॥
जो जग में, बड़े, बलवान जी,
उनको, कहते हैं, वीर हनुमान जी ॥
जिनके सीने, विराजे, सीता...

भूत, आए नहीं, बाधा आए नहीं ।
जो है, तेरी शरण, कष्ट पाए नहीं ॥
जिनके, सोटे से, कांपे आसमान जी,
उनको, कहते हैं, वीर हनुमान जी ॥
जिनके सीने, विराजे, सीता...

नाचे, छमछम मगन, लागी रघुवर लगन ।
जिनका, सिंधूरी चोला, जिनका सिंधूरी है तन ॥
जिनको, रघुवर की, है बड़ी आन जी,
उनको, कहते हैं, वीर हनुमान जी ॥
जिनके सीने, विराजे, सीता...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल