मन में शरधा जगाओ

मन में शरधा जगाओ गोरख नाथ दर्श दिखलायेगे,
घर प्रेम से उन्हें भुलायो खुद चल के ही आ जायेगे,
मन में शरधा जगाओ ..........

तीन लोक में चार युग में घट घट में है गोरख नाथ,
दुःख संताप मिटाने वाले परम मोक्ष है गोरख नाथ,
भक्ति की खिचड़ी चढ़ाओ खुद आके भोग लगाए गे.
मन में शरधा जगाओ ...

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