सालासर का घणीया थाने म्हारो राम राम

सारे जग में डंका बाजे सांचो थारा नाम,
सालासर का घणीया थाने म्हारो राम राम,

बाल पने में चड़या अकाशा,
सूरज मुख में दबायो,
थोड़ी पर वजर लगो तो हनुमान कहलायो,
थारी भक्ति और शक्ति ने झुक झुक करा परनाम,
सालासर का घणीया थाने म्हारो राम राम,

साथ समुंदर लांग के सीता माँ की ख़बर लगाई,
आग लगा कर पूंछ में अपनी सारी लंका जलाई,
तहस मेहस कर डाली लंका खूब मचा कोहराम,
सालासर का घणीया थाने म्हारो राम राम,

संजीवन भुट्टी रे खातिर परबत उठा के लायो,
जो भी राखी लाज राम की लक्षमण प्राण बचायो,
तीनो लोका में ही गूंज रहो थारा नाम,
सालासर का घणीया थाने म्हारो राम राम,

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