तुम्हारी ही कमी है साँवरे

तर्ज--- अगर दिलबर की रुसवाई

सजाये बैठे है मेहफिल,
हो रही शाम आ जाओ,
तुम्हारी ही कमी है साँवरे
घनश्याम आजाओ...

हजारों कोशिशें मैने कि,
तुमको बुलाने की,
कभी रोकर कभी गा कर,
ब्यथा अपनी सुनाने की,
मगर अब तक हरेक कोशिश हुई नाकाम,
आजाओ,
तुम्हारी ही कमी है साँवरे....

हमारे दिल की चाहत को,
जरा भी तुम ना सुनते हो,
बहुत देरी हुई क्यूँ कर नही,
फरियाद सुनते हो,
अगर रूठे हुए हो तो करु क्या,
कुछ तो बतलाओ,
तुम्हारी ही कमी है साँवरे....

सभी साथी और संबंधी,
तेरे स्वागत में आये है,
अकेला मैं नही प्यासा,
सभी पलकें बिछाये है,
तड़प सुनलो दिलों की दिल के ओ,
दिलदार आ जाओ,
तुम्हारी ही कमी है साँवरे....

श्रेणी
download bhajan lyrics (636 downloads)